कविता के पहले हिस्से में राहुल माँ से कहानी सुनाने की ज़िद करता है, और माँ एक सुंदर बगीचे के बारे में बताती हैं जहाँ तीर लगा एक हंस आकर गिरता है। यहाँ इन पंक्तियों का अर्थ और कठिन शब्द सीखो।
Preview · progress not saved — Chapter 1 is free
कविता में जिन 'तात' की बात है, वे राहुल के पिता सिद्धार्थ हैं, जो बाद में गौतम बुद्ध बने।
कविता की पहली पंक्तियाँ और उनका आसान अर्थ।
बालक राहुल अपनी माँ यशोधरा से कहानी सुनाने की ज़िद करता है। वह अपनी माँ से कहता है कि उसे एक दासी (चेटी) ने बताया है कि माँ उसकी नानी की बेटी है।
"कहती है मुझसे यह चेटी,
तू मेरी नानी की बेटी!"

माँ बगीचे के फूलों और ओस के बारे में बताती हैं, फिर तीर से घायल हंस नीचे गिरता है। पंक्तियाँ और उनका अर्थ पढ़ो।
माँ उपवन का बहुत ही सुंदर वर्णन करती है। बगीचे में रंग-बिरंगे फूल खिले थे, उन पर ओस की बूँदें चमक रही थीं और हल्की-हल्की हवा के झोंकों से तालाब का पानी लहरा रहा था।
"वर्ण वर्ण के फूल खिले थे,
झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे"

कार्ड पलटकर चेटी, खग, आखेटक, सदय जैसे शब्दों के अर्थ और उदाहरण देखो।
कविता की चार पंक्तियों में तीन जगह खाली हैं। सही शब्द भरो।
कविता की पंक्तियों को पूरा करें:
वर्ण वर्ण के खिले थे, झलमल कर झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था ।