क्या आप जानते हैं?
गौतम बुद्ध के बचपन की सच्ची घटना।
कविता के प्रारंभिक भाग को समझना, जहाँ उपवन की सुंदरता और एक हिंसक घटना का वर्णन है।
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गौतम बुद्ध के बचपन की सच्ची घटना।
बेटा अपनी माँ से कहानी सुनाने की जिद करता है।
बालक राहुल अपनी माँ यशोधरा से कहानी सुनाने की ज़िद करता है। वह अपनी माँ से कहता है कि उसे एक दासी (चेटी) ने बताया है कि माँ उसकी नानी की बेटी है।
"कहती है मुझसे यह चेटी,
तू मेरी नानी की बेटी!"

उपवन में रंग-बिरंगे फूल और घायल हंस का गिरना।
माँ उपवन का बहुत ही सुंदर वर्णन करती है। बगीचे में रंग-बिरंगे फूल खिले थे, उन पर ओस की बूँदें चमक रही थीं और हल्की-हल्की हवा के झोंकों से तालाब का पानी लहरा रहा था।
"वर्ण वर्ण के फूल खिले थे,
झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे"

कविता के इस भाग में आए नए शब्द।
कविता की पंक्तियों को याद करके खाली स्थान भरें।
कविता की पंक्तियों को पूरा करें:
वर्ण वर्ण के खिले थे, झलमल कर झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था ।