Learner will read the first five stanzas and appreciate the imagery of India's natural landscape.
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कविता के पहले पाँच छंद, जिनमें हिमालय, नदियों और प्राकृतिक छटा का वर्णन है।
ऊँचा खड़ा हिमालय
आकाश चूमता है,
नीचे चरण तले झुक,
नित सिंधु झूमता है।
पहाड़ों, नदियों और आम के बागों के सुंदर दृश्य।

कवि ने भारत भूमि की तुलना एक ऐसे स्वर्ग से की है जहाँ ऊँचे पर्वत, पवित्र नदियाँ और सुंदर प्राकृतिक छटाएँ हैं।
कवि द्वारा चित्रित प्राकृतिक दृश्यों को गहराई से समझना।
"आकाश चूमता है" — इस पंक्ति में कवि ने हिमालय की महानता और ऊँचाई का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है। ऐसा लगता है मानो हिमालय सचमुच इतना ऊँचा है कि वह आकाश को चूम रहा हो। यह भारत के अटूट गौरव और गर्व का प्रतीक है।
इन छंदों से जुड़ी समझ को परखें।
हिंद महासागर के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है?
कविता की पंक्तियों को उनके सही अर्थ (भाव) से जोड़ें।
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