कविता के पहले पाँच छंद पढ़ो, जिनमें ऊँचा हिमालय, गंगा-यमुना, झरने और आम के बाग हैं। कठिन शब्दों के अर्थ सीखो और देखो कि कवि ने इन्हें कैसे बताया है।
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ऊँचे हिमालय, गंगा-यमुना, झरनों, कोयल और मलय पवन वाली पंक्तियाँ।
ऊँचा खड़ा हिमालय
आकाश चूमता है,
नीचे चरण तले झुक,
नित सिंधु झूमता है।
कविता के पहले हिस्से का चित्र।

ऊँचा हिमालय, झरने, बहती नदी और आम के बाग: कविता में बताई गई सुंदरता एक चित्र में।
तीन पंक्तियों का आसान अर्थ: ऊँचा हिमालय, छहरती नदियाँ और आम के बागों में कोयल।
"आकाश चूमता है" — इस पंक्ति में कवि ने हिमालय की महानता और ऊँचाई का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है। ऐसा लगता है मानो हिमालय सचमुच इतना ऊँचा है कि वह आकाश को चूम रहा हो। यह भारत के अटूट गौरव और गर्व का प्रतीक है।
सिंधु, कोयल, मलय पवन और झरनों के बारे में सही जवाब चुनो।
हिंद महासागर के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है?
कविता की चार पंक्तियों को उनके आसान अर्थ से मिलाओ।
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