पहली कुंडलिया: बिना विचारे जो करै

छात्रों को पहली कुंडलिया का अर्थ और बिना सोचे काम करने के परिणामों को समझाना।

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क्या आप जानते हैं?

कहावतों के रूप में कुंडलियों का प्रयोग।

गिरिधर कविराय की कविताएँ जन-मानस में इतनी प्रसिद्ध हैं कि लोग आज भी उनका उपयोग कहावतों की तरह करते हैं, जैसे: 'बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय'!
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