दूसरी कुंडलिया: बीती ताहि बिसारि दे

छात्रों को अतीत की गलतियों को भुलाकर भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सीख देना।

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आगे की ओर कदम

अतीत को छोड़कर भविष्य की ओर देखने का दृश्य।

दूसरी कुंडलिया: बीती ताहि बिसारि दे
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अतीत के बोझ को पीछे छोड़कर ही हम सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।

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