Chapter 2 of 2
गोल: मेजर ध्यानचंद की अपनी कहानी
इस संस्मरण में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद खुद बताते हैं कि मैच में चोट लगने पर उन्होंने बदला छह गोल करके कैसे लिया, और सफलता के लिए लगन और खेल भावना क्यों ज़रूरी है। साथ में शब्द-युग्म और 'ही', 'भी', 'तो' का प्रयोग सीखो।
