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नित्यं पिबामः सुभाषितरसम्: मधुरवाणी परिश्रमः विद्या च

इस पाठ के सुभाषित, यानी अच्छी सीख देने वाले छोटे श्लोक, बताते हैं कि मीठी बोली, लगातार मेहनत, मन की सफ़ाई और दूसरों की भलाई क्यों ज़रूरी है। साथ में तृतीया विभक्ति के रूप सीखो।

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