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न लभ्यते चेत् आम्लं द्राक्षाफलम्: शृगालस्य कथा

भूखा सियार अंगूर तक नहीं पहुँच पाया, तो बोला कि अंगूर खट्टे हैं। संस्कृत कविता में यह कहानी पढ़ो, नए शब्द सीखो और 'लभते' जैसी आत्मनेपद क्रियाओं के रूप पहचानो।

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