कला की ताकत
तीन चोरों को नचाते हुए नौ कथिक

नृत्य और संगीत में इतनी शक्ति होती है कि यह किसी का भी हृदय बदल सकता है।
Trace the historical roots of Kathak from storytelling to its modern stage presentation and identify its major Gharanas.
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तीन चोरों को नचाते हुए नौ कथिक

नृत्य और संगीत में इतनी शक्ति होती है कि यह किसी का भी हृदय बदल सकता है।
कथक की प्राचीन कहानी
💡 क्या आप जानते हैं?
कथक शब्द की उत्पत्ति 'कथावाचक' से हुई है। प्राचीन काल में मंदिरों में महाभारत और रामायण की कहानियों को रोचक ढंग से सुनाने वालों को 'कथिक' कहा जाता था। बनारस और इलाहाबाद के बीच 'हरिया' नामक गाँव में कभी ऐसे कथिकों के 989 घर हुआ करते थे!
कथिकों और चोरों की मशहूर कहानी
लखनऊ घराने से जुड़ी एक बेहद रोचक लोककथा 'बैरिगिया नाला' की है। एक बार नौ कथिक (कथावाचक) एक नाले के पास से गुज़र रहे थे, तभी वहाँ तीन खूंखार डाकू आ पहुँचे।
कथक के विभिन्न घराने और प्रस्तुति में बदलाव
समय के साथ कथक की अलग-अलग शैलियाँ विकसित हुईं, जिन्हें 'घराना' कहा जाता है। कथक के मुख्य घराने हैं: लखनऊ, जयपुर, बनारस और रायगढ़ (महाराज चक्रधर की शैली)। हर घराने की अपनी एक खास लय और विशेषता होती है।
कथक के तत्व और उनका अर्थ
Terms
Definitions